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५०० |
मोठयांचा करावा मान सन्मान |
| ------- रावांच्या नावाने घेते सौभाग्याचे
वाण |
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५०१ |
मन असावे स्वच्छ, प्रेमळ आणि पवित्र |
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------- रावांच्या जीवनात राहो आनंद
सर्वत्र |
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५०२ |
कपाळाला कुंकु गळयात मोत्यांचा हार |
| ------- रावांचे नाव घेताना आनंद होतो फार |
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५०३ |
सासरच्या कौतुकात राहिले नाही काळाचे भान |
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------- रावांचे नाव घेते राखून सर्वांचा मान |
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५०४ |
पेटी वाजे वीणा वाजे सतार वाजे छान |
| ------- रावांचे नाव घेते राखून सर्वांचा
मान |
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५०५ |
सत्यम, शिवम, सुंदरम साहित्याची आस |
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------- रावांना घालते मी लाडवाचा घास |
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५०६ |
क्रुष्ण प्राप्तीसाठी रुक्मिणीने लिहीले
पत्र |
| ------- रावांसाठी घातले मी मंगळसुत्र |
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५०७ |
आषाढात दाटले घन मोर नाचतो होऊन विभोर |
| ------- रावांचे नाव घेते सर्वांसमोर |
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५०८ |
चालली सप्तपदीची सात पावले |
| ------- रावांच्या नावाने मंगळसुत्र बांधले |
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५०९ |
भावनात जन्मली कल्पना फुल गुंफीले शब्दांचे |
| ------- रावांचे नाव घेते मन राखून
सर्वांचे |
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५१० |
प्राजक्ताच्या पायथ्याशी शुभ्र फुलांच्या
राशी |
| ------- रावांचे नाव घेताना मनात दाटली
खूशी |
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५११ |
पुणेरी टांगा त्याला अरबस्तानी घोडे |
| ------- रावांचे नाव घेते सत्यनारायणापुढे |
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५१२ |
देवाजवळ
करीत होते दत्ताची आरती |
| ------- राव आहेत माझ्या जीवनाचे सारथी |
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५१३ |
जिरे साळीचा भात पिकतो मावळात |
| ------- रावांचे नाव घेते----- च्या
देवळात |
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५१४ |
चंद्राची जशी चंद्रीका, वसिष्ठांची जशी
अरुंधती |
| तशीच मी होईन -------- रावांची आवडती |
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५१५ |
पानोपानी फुल फुलावे रंग गहिरे असावे |
| ------- रावांच्या संसारात सुख माझे हसावे |
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५१६ |
शुभदिनी, शुभकाळी आली आमची वरात |
| ------- रावांचे नाव घेते ------- च्या
घरात |
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५१७ |
थंडगार पाण्याला वाळयाचा सुवास |
| ------- रावांचे नाव घेते जोडी आमची खास |
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५१८ |
सोन्याचे मणी रेशमात गुंफले |
| -------- राव माझे वाचनात गुंतले |
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५१९ |
सागरतिरी शुभ्र वाळू |
| ------- राव म्हणतात, चल राणी टेनिस खेळू |