|
३६० |
ओल्याचिंब केसांना टाँवेल दया पुसायला |
| ------- रावांचे नाव घेते शालू दया नेसायला |
|
३६१ |
डाळिंबाचे झाड पानोपानी दाटले |
|
------- रावांचे नाव घेताना आनंदी मला
वाटले |
|
३६२ |
गुलाबाचे फुल दिसायला ताजे |
| ------- रावांचे नाव घेते सौभाग्य माझे |
|
३६३ |
अंगणी होती तुळस, तुळ्शीला घालत होती पाणी |
|
आधी होती आईबापाची तान्ही
नंतर झाली --------- रावांची राणी |
|
३६४ |
दारी होता टेबल त्यावर होता फोन |
| -------- रावांनी पिक्चर दाखविला हम आपके
है कौन |
|
३६५ |
राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न दशरथाला पुत्र चार |
|
------- रावांनी घातला मला मंगळ्सुत्राचा हार |
|
३६६ |
पौर्णिमेचा चंद्र आकाशात दिसतो साजरा |
| ------- रावांनी आणला मला मोग-याचा गजरा |
|
३६७ |
चांदीचे जोडवे, पतीची खुण |
| ------- रावांचे नाव घेते ------- ची सून |
|
३६८ |
नव्हती कधी गाठभेट एकदाच झाली नजरानजर |
| आई-वडिल विसरते ------- रावांसाठी सुटला
प्रीतीचा पाझर |
|
३६९ |
ह्र्दयात दिले स्थान तेव्हा दिला हातात
हात |
| ------- राचांच्या जीवनात लावते प्रीतीची
फुलवात |
|
३७० |
नववधू आले मी घरी जीव गेला बावरुन |
| ------- रावांनी मारली हाक शिणचं गेला
निघून |
|
३७१ |
धरला यांनी हात वाटली मला भीती |
| हळूच म्हणाले -------- राव अशीच असते
प्रीती |
|
३७२ |
जेव्हा मी यांना पाहते चोरुन विचार करते
मुक होवून |
| घडविले देवांनी ------- रावांना जीव लावून |
|
३७३ |
घातली मी वरमाला हसले ------- राव गाली |
| थरथरला माझा हात लज्जेने चढली लाली |
|
३७४ |
वय झाले लग्नाचे, लागली प्रेमाची चाहूल |
| ------- रावांच्या जीवनात टाकते मी पहिले
पाऊल |
|
३७५ |
राजहंस पक्षी शोभा देतो वनाला |
| ------- रावांचे नाव घेते आनंद माझ्या
मनाला |
|
३७६ |
सावित्रीने नवस केला पती मिळावा सत्यवान |
| ------- रावांच्या जीवावर मी आहे भाग्यवान |
|
३७७ |
आकाशी चमकते तारे, जमिनीवर चमकते हिरे |
| ------- राव हेच माझे अलंकार खरे |
|
३७८ |
पर्जन्याच्या व्रुष्टीने स्रुष्टी होते
हिरवीगार |
| ------- रावांच्या नावाने घालते
मंगळसुत्राचा हार |
|
३७९ |
लोकमान्य टिळक स्वराज्याचा हिरा |
| ------- रावांचे नाव घेऊन उखाणा करते पूरा |